Human Rights Protection Guidelines by Honourable Supreme Court of India In Hindi | सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मानव अधिकार संरक्षण संबंधी निर्देश



Human Right Protection Guidelines by Honourable Supreme Court of India In Hindi | सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मानव अधिकार संरक्षण संबंधी निर्देश

मस्कार दोस्तों, आज इस लेख में आपको बताने बाला हूँ मानवाधिकार संरक्षण (Human Right Protection Guidelines by Honourable Supreme Court of India) के सम्बन्ध में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश जारी किये है, जो पुरे देश में पुलिस को लागु करना अनिवार्य है । यदि पुलिस इन्हे लागू नहीं करती है तो पुलिस के बिरुद्ध माननीय सुप्रीम कोर्ट में अवमानना ( contempt of court) की कारवाही की जा सकती है । मानव अधिकारों से अभिप्राय "स्वतंत्रता (Freedom) एवं मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) से है जो सभी नागरिकों के लिए जरूरी है और उनके लिए मूलभूत आवश्यकता है; जिनके विना मनुष्य अपने जीवन की कल्पना नहीं कर सकता है । यूनान के महान दार्शनिक प्लूटो की एक उक्ति राज्य के उद्देश्य की याद दिलाती है जो सटीक है उन्होंने कहा था “राज्य जीवन के लिए अस्तित्व में आया और सद्जीवन के लिए उसका अस्तित्व बना हुआ है” । अधिकारों (rights) एवं स्वतंत्रताओं (freedom) की विस्तृत व्याख्या के रूप में सामाजिक, आर्थिक, नागरिक और राजनैतिक अधिकार सम्मिलित हैं जिन्हे संबिधान की प्रस्तावना में भी स्थान दिया गया है ।  भारत के संविधान में मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 से 35 तक दिए गए है । अनुच्छेद 21 में प्राण और दैहिक स्वतंत्रता के बारे में बताया गया है ये सब मानवाधिकार(Human rights) ही तो है । जिनके विना नागरिक का जीवन शून्य ही तो है जैसे जीवन जीने का अधिकार (right to live), अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (freedom of speech) और कानून के समक्ष समानता (Equality before law), कानून का सामान संरक्षण एवं राजनैतिक ,आर्थिक, सामाजिक अधिकारों के साथ ही साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में प्रतिभाग करने का अधिकार,अवसर की समानता, गिरफ़्तारी से संरक्षण, दोषसिद्धि से संरक्षण, अपने अनुसार धर्म को आत्मसात करने की स्वतंत्रता ,शिक्षा का अधिकार एवं काम करने का अधिकार इत्यादि मानवाधिकार ही तो है जो संविधान में नागरिको का दिए गए है।
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 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मानव अधिकार संरक्षण संबंधी निर्देश:

भारतीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा डी0के0 बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य (D.K Basu vs West Bengal state) के वाद के निर्णय में निरूद्धीकरण, मानवाधिकार संरक्षण (Human Rights Protection Guidelines by Honourable Supreme Court of India) या गिरफ्तारी  के प्रकरणों में पुलिस के निम्नलिखित दायित्व अवधारित किये गये है जिन्हे पालन करना पुलिस के लिए अनिवार्य है ।
  1. गिरफ्तारी के समय पुलिस अधिकारी जो गिरफ़्तारी कर रहा है, को अपने पद (rank) एवं पदनाम (name) की पटटिका (Name plate) धारण की जानी चाहिए। उस दौरान पुलिस अधिकारी को अपना identity card (पहचान पत्र) भी साथ रखना चाहिए । गिरफ्तारी का सम्पूर्ण विवरण एक रजिस्टर (Arresting Register) में अंकित किया जाना चाहिए।
  2.  गिरफ्तारी की फर्द गिरफ्तारी के स्थान पर ही तैयार की जायेगी जिसको क्षेत्र के गिरफ्तार किये गये व्यक्ति के परिवार के किसी सदस्य (family member) या सभ्रान्त व्यक्ति (reputed person of society) द्वारा सत्यापित होगी। गिरफ्तार व्यक्ति के गिरफ़्तारी की फर्द की प्रति पर हस्ताक्षर होंगे व एक प्रति उसे निः शुल्क फ़र्ज़ तैयार होने के उपरांत दी जायेगी। 
  3. पुलिस अभिरक्षा (police custody) में उसे अपने मित्र या रिश्तेदार से मिलने दिया जायेगा तथा उसकी गिरफ्तारी की सूचना उसके निकट संबंधी को दी जायेगी। 
  4. जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है गिरफ्तार व्यक्ति के रिश्तेदार को निरूद्ध रखने के स्थान के बारे में अवगत जायेगा। 
  5. गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को गिरफ़्तारी का स्पष्ट कारण से अवगत कराया जायेगा तथा जमानत के आधारों से भी अवगत कराया जायेगा । (Indian constitution के अनुच्छेद 22 एंड दंड प्रक्रिया संहिता (code of criminal procedure, 1973) की धारा 50 के अंतर्गत प्रावधान)  
  6. गिरफ्तारी की सूचना तथा गिररफ्तारी के विवरण, गिररफ्तारी के विवरण (arresting memo) आधारों को थाने के गिरफ्तारी रजिस्टर में पुलिस द्वारा अंकित किया जायेगा। 
  7. गिरफ्तार किये गये व्यक्ति या अभियुक्त के अनुरोध पर उसका Medical examination (चिकित्सीय परीक्षण) अवश्य कराया जायेगा। (दंड प्रक्रिया संहिता 54 के अंतर्गत)  
  8. पुलिस अभिरक्षा में प्रत्येक 48 घण्टे पर प्रशिक्षित डाक्टर से गिरफ्तार किये गये व्यक्ति का Medical Examination (चिकित्सीय परीक्षण) कराया जायेगा। 
  9. गिरफ्तारी के सभी अभिलेखों और कागज़ात (Arresting all records) की समस्त प्रतियां सम्वन्धित दण्डाधिकारी के पास भेजी जाएंगी। 
  10. गिरफ़्तारी के उपरांत गिरफ्तार किये गए अभियुक्त या व्यक्ति को अपने अधिवक्ता से मिलने एवं परामर्श की अनुमति दी जाएगी है। (भारतीय संविधान का अनुच्छेद २२ के अंतर्गत प्रावधान)
  11. जनपद के नियन्त्रण कक्ष (District control room) में नोटिस बोर्ड (notice board) पर गिरफ्तारी की सूचना अंकित की जाएगी।
Youtube video on "सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मानव अधिकार संरक्षण संबंधी निर्देश" below-



आशा करता हूँ दोस्तों आपको यह लेख पसंद आया होगा । मैं अपनी वेबसाइट पर पुलिस से संबधी समस्त जानकारी को शेयर करता हूँ ।

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