Application Format for Police FIR (First Information Report) in Hindi



Application Format for Police FIR (First Information Report) in Hindi



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मस्कार दोस्तों, इस लेख में, मैं आपको बताऊंगा कि पुलिस थाना पर शिकायत (complaint) करते समय क्या प्रारूप (proforma) होना चाहिए। जो व्यक्ति यह जानना चाहता है कि जब पुलिस थाने पर शिकायत या प्रार्थना पत्र (Proforma of Complaint to Police) दिया जाता है तो उसका प्रारूप क्या होना चाहिए तो यह लेख उनके लिए ही है ।  शिकायत में किन किन बातों को शामिल करना चाहिए जिससे मुकदमा लिखे जाते समय बहुत ही अच्छी धाराओं में मुकदमा पंजीकृत हो तथा जब विवेचक द्वारा की विवेचना की जाए और जब मुकदमा कोर्ट में ट्रायल पर आए तो उस मुकदमे मैं अभियुक्त को सजा मिले यानी कि मुकदमा न छूटे।
अभियुक्त व्यक्ति को सजा दिलाने में शिकायती पत्र (Complaint Leeter Proforma) का बहुत ही महत्व योगदान होता है । शिकायती प्रार्थना पत्र यदि अच्छा लिखा हो तो वह विवेचना से लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट तक सहायता करता है। कहने का तात्पर्य है प्रार्थना पत्र का प्रारूप और शिकायत में क्या क्या विवरण लिखा गया है यह दोषी व्यक्ति (Accused) को सजा (Punishment) दिलाने में बहुत ही कारगर होता है। इस लेख के माध्यम से मैं आपको एप्लीकेशन का प्रारूप (Proforma for Police Complaint- FIR) तथा उसमें क्या क्या शामिल किया जाना अत्यावश्यक है उसी के बारे में बताऊंगा।
शिकायती प्रार्थना पत्र को आप मातृभाषा में या अंग्रेजी भाषा में लिख सकते हो । (Article 350 of Indian Constitution) 
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सेवा में (To):

सबसे पहले एप्लीकेशन (Application) को सेवा (To) में लिखने के बाद शुरू करना चाहिए उसके बाद यदि स्टेशन हाउस ऑफिसर (Station Ofiicer- SO or station House Officer - SHO) का या बड़ा थाना है तो प्रभारी निरीक्षक और यदि छोटा थाना है तो थानाध्यक्ष को संबोधित करना चाहिए उसके बाद थाना का नाम और जिले का नाम लिखना चाहिए। एप्लीकेशन के प्रारूप की Image को मैं नीचे लेख में आइडिया के लिए दे दूंगा। प्रार्थना पत्र को उच्च अधिकारियों को भी जैसे सर्किल अफसर या पुलिस अधीक्षक को भी इसी प्रारूप में संबोधित कर लिखना चाहिए।

 विषय (Subject):
एप्लीकेशन में विषय (Subject) का शामिल किया जाना आवश्यक है जैसे यदि डॉक्यूमेंट (Documents) के चोरी होने की सूचना दर्ज करानी है तो ऐसे में "डॉक्यूमेंट के चोरी की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के संबंध में" लिखना चाहिए।
उसके बाद प्रार्थना पत्र का विवरण लिखने से पहले महोदय (sir) यदि जिस अधिकारी (Police Officer) को प्रार्थना पत्र दे रहे हो वह पुरुष है तोयदि वह स्त्री है तो महोदया (madam) से संबोधित करना चाहिए। उसके बाद निवेदन है लिखकर पीड़ित के साथ हुई घटना या अपराध का विस्तृत विवरण लिखना चाहिए ।
विवरण में निम्न तथ्यों को शामिल करना आवश्यक है जो निम्नलिखित है

अपराध का विवरण (Description of Crime):

पीड़ित व्यक्ति के साथ जो अपराध हुआ है उस अपराध को पीड़ित को अपने प्रार्थना पत्र में स्पष्ट लिखना चाहिए क्योंकि इन्हीं अपराध के आधार पर प्रथम सूचना रिपोर्ट मैं भारतीय दंड संहिता (Indian Penal code) या अन्य अधिनियम की संबंधित धाराओं (Sections) का समावेश किया जाता है।

घटनास्थल (Crime Scene):

पीड़ित व्यक्ति के साथ जिस स्थान पर आपराधिक घटना घटित होती है उस स्थान का नाम शिकायती प्रार्थना पत्र में शामिल किया जाना अत्यावश्यक है उसे ही क्राइम सीन या घटनास्थल (crime scene) कहते हैं। विवेचक द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण भी किया जाता है तथा उसे Case Diary में लिखा भी जाता है।

घटना का दिनांक तथा समय (Crime Date and Time):

पीड़ित व्यक्ति (Victim) के साथ घटना का दिनाँक तथा समय जब घटना घटित हुई है, को शिकायती प्रार्थना पत्र में शामिल अवश्य करना चाहिए; क्योंकि प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करते समय रोज़नामचा आम में इसका खुलासा किया जाता है तथा प्रथम सूचना रिपोर्ट में भी उसे अंकित किया जाता है। विवेचना के दौरान विवेचक घटना के दिनाँक समय से जांच कर लोकेशन पता कर आरोप पत्र दाखिल करता है।

अभियुक्तों के नाम तथा स्पष्ट पता (Accused Name And Full & Complete Address):

शिकायती प्रार्थना पत्र में अपराध में शामिल दोषी व्यक्तियों के स्पष्ट नाम तथा स्पष्ट पता जिसमें स्थाई पता था वर्तमान पता दोनों शामिल हो और यदि संभव हो तो मोबाइल नंबर भी अवश्य अंकित करना चाहिए। यदि अभीयुक्त का स्पष्ट पता नहीं होता है तो विवेचक द्वारा विवेचना के दौरान कोर्ट द्वारा ट्रायल के दौरान अभीयुक्त को ट्रेस करने में बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ता है।

चश्मदीद गवाह (Eyewitness):

किसी व्यक्ति ने अपराध होते हुए यदि अपने सामने देखा है तो वह चश्मदीद गवाह (Eyewitness) होता है। उसे प्रथम सूचना रिपोर्ट हेतु शिकायती प्रार्थना पत्र में अवश्य शामिल करना चाहिए । इससे केस मजबूत हो जाता है और आरोप पत्र दाखिल करने में अभियुक्त को सजा दिलाने में बहुत ही कारगर होता है।

मेडिकल का विवरण (Medical Of Victime):

पीड़ित व्यक्ति के साथ हुए अपराध का मेडिकल (Medical) यदि हुआ है तो उसे अवश्य प्रार्थना पत्र में लिखना चाहिए। प्रार्थना पत्र के साथ उसे संलग्न भी करना चाहिए जैसे यदि कोई महिला गर्भपात की शिकायत कर रही है तो जिस व्यक्ति ने गर्भपात किया है उसके विरुद्ध वह मेडिकल हिस्ट्री (Medical Prescriptions) को शिकायत में लिख सकती है और उसे शिकायत पत्र के साथ संलग्न भी कर सकती है। प्रार्थना पत्र के साथ मेडिकल चाहे वह प्राइवेट भी हो बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है जब पुलिस को शिकायत करने में या सूचना देने में देरी हो जाती है।

तकनीकी सबूत (technical Evidence):

इसके अतिरिक्त अन्य बातों को भी विवरण में शामिल करना चाहिए जो दोषी व्यक्ति को सजा दिलाने के लिए आवश्यक हो जैसे ऑडियो रिकॉर्डिंग (Audio Recording), वीडियो रिकॉर्डिंग (Video Recoding), कोई डॉक्यूमेंट (Documents) या Location, Call Detals Records, Facebook & whatsapp chat etc इत्यादि।
शिकायती प्रार्थना पत्र को आप अपने हस्त लेख (Handwriting) में भी लिख सकते हैं या उसे टाइप (Type) भी कर सकते हैं या मौखिक सूचना (Oral Information) भी दे सकते हैं। पुलिस मौखिक सूचना (Oral Information) को भी हुवहु (Same to Same) अंकित करेगी और आपके हस्ताक्षर से पहले आप के हस्ताक्षर कराएगी।

विवरण लिखने के बाद अगली लाइन से अपने प्रार्थना पत्र को इस वाक्य के साथ समाप्त किया जा सकता है - "सादर अनुरोध है कि उचित धाराओं में अभियोग या एफ आई आर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें"।
प्रार्थना पत्र समापन के बाद बाई तरफ दिनांक जिस दिन प्रार्थना पत्र दिया जा रहा है और दाईं तरफ प्रार्थी यदि शिकायतकर्ता पुरुष है तो, प्रार्थना यदि शिकायत कर्ता महिला है तो उसका नाम, स्पष्ट पता जिसमें वर्तमान तथा स्थाई पता और मोबाइल नंबर अंकित करना चाहिए।  प्रार्थना में प्रार्थी या प्रार्थनी के ऊपर शिकायतकर्ता को हस्ताक्षर करने चाहिए।

संलग्नक (Annexure or Enclosure):

जो अपराध को सिद्ध करने के लिए सहायक हो उन डाक्यूमेंट्स को संलंग्न कर सकते हैं जैसे मेडिकल रिपोर्ट (Medical report), ऑडियो रिकॉर्डिंग (audio recording), वीडियो रिकॉर्डिंग (Video recording), दस्तावेज (Document) या लोकेशन (Location) इत्यादि।
यदि आप इस प्रारूप में (Proforma) और उपरोक्त विवरण के साथ प्रार्थना पत्र देते हो तो निश्चय ही बहुत ही अच्छा प्रार्थना पत्र लिखा जाएगा।
Application Format for Police FIR (First Information Report) in Hindi Application Format for Police FIR (First Information Report) in Hindi Reviewed by YourPoliceGuide on November 21, 2018 Rating: 5

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