Deputation from UP Police to State Departments and Central Departments in Hindi- Complete Details (2019-2020)

Deputation from UP Police to State Departments and Central Departments in Hindi- Complete Details (2019-2020)

मस्कार दोस्तों, आज इस लेख में, मैं बताने वाला हूं उत्तर प्रदेश पुलिस से deputation के बारे में। उत्तर प्रदेश पुलिस से deputation पर कैसे जाते हैं, कितनी अवधि तक के लिए आते हैं, कितना Deputation एवं  कितना Special allowances  मिलता है। उत्तर प्रदेश पुलिस से Deputation पर एक निश्चित अवधि के लिए किसी दूसरे विभाग में जाते हैं, जब वह अवधि पूरी हो जाती है तो वापस अपने मूल विभाग में वापस आ जाते हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस से अन्य विभागों में Deputation पर कैसे जाते है, इसको समझने से पहले Deputation क्या होता है इसके बारे में जान लेते हैं। 

Deputation क्या होता है?

Deputation को हिंदी में प्रतिनियुक्ति कहते हैं। Deputation का मतलब होता है कि कोई अपने मूल विभाग से किसी अन्य विभाग में एक निश्चित अवधि के लिए जाता है और अवधि पूरी हो जाने के बाद वापस अपने मूल विभाग में आ जाता है। इसे ही Deputation कहते हैं। Deputation की अवधि में जिस विभाग में जाते हैं वही डिपार्टमेंट आप को उस दौरान Salary तथा other allowances, perqusites देता है।


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Deputation पर नियुक्ति की प्रक्रिया:

Deputation पर vacancy होने पर केंद्र और राज्य सरकार विभिन्न विभागों में मांग पुलिस मुख्यालय को भेजती है। पुलिस मुख्यालय उस मांग को जिले के पुलिस अधीक्षक तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को आदेश भेजते है। उसके बाद पुलिस अधीक्षक तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सभी थानों को आदेश जारी करते है कि जो स्वेच्छा से अपना स्थानांतरण deputation पर करना चाहता है वो प्रार्थना पत्र दे सकता है। फिर प्रार्थना होने के बाद पुलिस अधीक्षक तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संबंधित कर्मचारियों का service particular पुलिस मुख्यालय को भेज देते है। पुलिस मुख्यालय deputation पर shortlist कर स्थानांतरण करता है।
उत्तर प्रदेश पुलिस से Deputation पर राज्य सरकार के अंतर्गत तथा केंद्र सरकार के अंतर्गत जा सकते हैं। पहले मैं आपको राज्य सरकार के अंतर्गत किन-किन विभागों में जा सकते हैं उसके बारे में बताऊंगा। उसके बाद केंद्र सरकार के अंतर्गत किन किन प्रमुख डिपार्टमेंट में जा सकते हैं उनके बारे में बताऊंगा।
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उत्तर प्रदेश पुलिस से राज्य सरकार के अंतर्गत प्रतिनियुक्ति:


उत्तर प्रदेश पुलिस से राज्य सरकार के अंतर्गत बहुत से ऐसे विभाग हैं जिसमें आप Deputation पर जा सकते हैं जैसे एलआईयू, सीबी-सीआईडी, हाइड्रिल, सेल्स टैक्स, जीआरपी, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, विजिलेंस, एटीएस, डेवलपमेंट अथॉरिटी इत्यादि।

एलआईयू को लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (Local Inteligence Unit):

एलआईयू को लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (Local Inteligence Unit) कहते हैं जिसे अभिसूचना इकाई कहा जाता है। उत्तर प्रदेश पुलिस से Deputation पर एलआईयू में जाते हैं। यही ऐसा डिपार्टमेंट होता है जहां स्थाई रूप से जाते हैं। सामान्यत: एलआईयू से वापस नहीं आते हैं। एलआईयू के अतिरिक्त अन्य सभी डिपार्टमेंट ऐसे हैं जिनमें एक निश्चित अवधि के लिए जाते हैं और निश्चित अवधि पूरी होने के उपरांत वापस आ जाते हैं। एलआईयू राज्य सरकार को गोपनीय सूचनाओं की जानकारी संकलित कर देती है यह राज्य सरकार की इंटेलिजेंस शाखा होती है। इसलिए ऐसे अभिसूचना इकाई कहा जाता है।

CB-CID :

सीबी-सीआईडी यह राज्य सरकार की Investigation के लिए एक समर्पित शाखा है। जैसे केंद्र सरकार मैं सीबीआई है वैसे ही राज्य सरकार के लिए सीबी-सीआईडी है। इसमें सामान्यतः 3 वर्ष के लिए जाते हैं तथा 1 से 2 साल का सरकार इसे बढ़ा सकती है।

Vigilance:

विजिलेंस राज्य सरकार की एक ऐसी शाखा है जो राज्य सरकार के भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही करती है। सामान्यत: 3 वर्ष के लिए प्रतिनियुक्ति पर जाते हैं। 1 से 2 साल का सरकार इसे बढ़ा सकती है।

Sales Tax Department:

सेल्स टैक्स विभाग में उत्तर प्रदेश पुलिस से समानता 2 से 3 वर्ष के लिए प्रतिनियुक्ति पर जाते हैं। सरकार इस अवधि को बढ़ा सकती है। इसे वाणिज्य कर विभाग भी कहा जाता है।

Hydril Department:

हाई ड्रिल राज्य सरकार का बिजली विभाग होता है। डेपुटेशन पर 2 से 3 वर्ष के लिए जाते हैं। सरकार इस अवधि को 1 से 2 साल बढ़ा सकती है।

Development Authority:

राज्य सरकार के अंतर्गत जितने भी नगर निगम होते हैं उनमें 3 वर्ष के लिए प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति की जाती है।

GRP (Government Railway Police):

जीआरपी को राजकीय रेलवे पुलिस कहा जाता है जिसमें राज्य सरकार के नागरिक पुलिस से 3 वर्षों के लिए deputation पर जाते हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBPB):

यूपीपीआरपीबी राज्य सरकार के अंतर्गत पुलिस और पीएसी के अराजपत्रित कर्मचारियों की भर्ती के लिए एक समर्पित संस्था है। इसमें भी Deputation पर नियुक्त किया जाता है।

STF (Special Taske Force)- 

UP STF माफिया गैंग्स, डकैती गैंग इत्यादि के बिरुद्ध कारवाही समर्पित इकाई है|  उत्तर प्रदेश पुलिस से प्रतिनियुक्ति पर जाते है | वेहतर कार्य करते हुए लम्बे समय तक नियुक्त रह सकते है |   

ATS (Anti Terrorist Squad):

एटीएस को Anti Terrorist Squad भी कहते हैं। यह एक आतंकरोधी गतिविधियों की धरपकड़ और विवेचना के लिए समर्पित शाखा है। इसमें भी Deputation पर नागरिक पुलिस से जाते हैं। इसमें 30% basic salary का special allowance मिलता है।
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केंद्र सरकार के अंतर्गत Deputation:

केंद्र सरकार के अंतर्गत भी उत्तर प्रदेश पुलिस डिपार्टमेंट से Deputation पर जाते हैं । कुछ प्रमुख डिपार्टमेंट निम्न प्रकार है-

सीबीआई (CBI):

सीबीआई को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (Central Bureau of Investigation) या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कहा जाता है। यह सरकार की भ्रष्टाचार निरोधी संस्था है। सीबीआई में कॉन्स्टेबल, सब-इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर, डीएसपी, एडिशनल-एसपी, एसपी, डीआईजी, आईजी इत्यादि भी प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किए जाते हैं। कॉन्स्टेबल अधिकतम 7 वर्ष तक deputation पर रह सकता है। अन्य अधिकारीगण 5 वर्ष तक रह सकते है। भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए सामान्यतः 3 वर्ष तक की नियुक्ति होती है जिसे सरकार वृद्धि कर सकती है। CBI में बेसिक सैलेरी (Basic Salary) का 20% स्पेशल इंसेंटिव एलाउंस मिलता है।

आईबी (IB):

IB को इंटेलिजेंस ब्यूरो (Inteligence Bureau) कहते हैं। यह केंद्र सरकार की गोपनीय सूचनाओं का संग्रह करने के लिए समर्पित संस्था है, जिसमें प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं। IB में बेसिक सैलेरी का 20% स्पेशल इंसेंटिव एलाउंस मिलता है।

एनआईए (NIA):

NIA को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (National Investigation Agency) कहा जाता है, जो आतंकवादी गतिविधियों की धरपकड़ तथा विवेचना के लिए समर्पित संगठन है। इसमें भी प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं। NIA में भी बेसिक सैलरी का 20% स्पेशल इंसेंटिव एलाउंस मिलता है।

एसपीजी (SPG):

एसपीजी को Special Protection Group कहा जाता है जो केंद्र सरकार के वीवीआईपी, मंत्री, प्रधानमंत्री इत्यादि की सुरक्षा करते हैं इसमें भी प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं। इसमें 40% Special Incentive Allowance मिलता है। सामान्यतः उपनिरीक्षक और उपनिरीक्षक से उच्च 5 वर्षों के लिए जा सकते हैं तथा आरक्षी 7 वर्ष तक रह सकते है।

एनएसजी (NSG):

NSG को National Security Guard कहा जाता है जो अति बीआईपी की सुरक्षा करते है। उत्तर प्रदेश पुलिस से NSG में सामान्यतः उपनिरीक्षक और उपनिरीक्षक से उच्च 5 वर्षों के लिए जा सकते हैं तथा आरक्षी 7 वर्ष तक रह सकते है। इसमें भी 40 % स्पेशल इंसेंटिव एलाउंस (Special Incentive Allowance) मिलता है।

एनसीआरबी (NCRB):

NCRB को नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Record Bureau) कहा जाता है, जो महत्वपूर्ण अपराधों (Henious Crimes) को राज्य सरकारों तथा केंद्र सरकार से संकलित कर रिकॉर्ड रखता है।

Bureau of Police Research:

ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च इसमें भी प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं।

Parliament Duty Group:

 Parliament Duty Group, Parliament या संसद की सुरक्षा के लिए  समर्पित है। Deputation पर 20% Special Incentive Allowance मिलता है।
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Deputation from UP Police to State Departments and Central Departments in Hindi- Complete Details (2019-2020) Deputation from UP Police to State Departments and Central Departments in Hindi- Complete Details (2019-2020) Reviewed by YourPoliceGuide on January 28, 2019 Rating: 5

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